क्यूट देसी GF की चुदाई कहानी में पढ़ें कि होली वाले दिन मुझे मेरी गर्लफ्रेंड ने होली खेलने बुलाया. मुझे नहीं पता था कि उस दिन मेरी किस्मत खुलने वाली थी. उसके घर कोई नहीं था.

वो मेरे जीवन का पहला सेक्स था और मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे उसे चोदने का अवसर मिल गया.
उसका भी पहली बार का मामला था.

दोस्तो, मैं आपको सबसे पहले बता देना चाहता हूं कि आज मैं, हम दोनों का नाम बदल कर सेक्स कहानी लिख रहा हूं.
उम्मीद है कि आपको मेरी पहली सेक्स कहानी अच्छी लगेगी.

मेरा नाम राहुल है. मेरी उम्र 20 साल है. उस लड़की का नाम कोमल है. वो देखने में बहुत ही खूबसूरत है.
मेरी और उसकी उम्र बराबर थी. वो मेरी गर्लफ्रेंड थी.

उसका फिगर 28-24-30 का था. वो देखने में कयामत लगती थी.

यह क्यूट देसी GF की चुदाई कहानी आज से एक साल पहले की है. वो होली का दिन था.
उस वक्त मैं पहली बार अपनी प्रेमिका से मिला था.

उस दिन मैं सिर्फ उसे रंग लगाने गया था लेकिन मुझे क्या पता था कि उस दिन मेरी किस्मत खुलने वाली थी.
मेरा घर उसके घर से ज्यादा दूर नहीं है. बस हम दोनों के घर के बीच में एक सड़क है.

मैं उस दिन कार ड्राइव कर रहा था, तब उसका कॉल आया. मैं उससे बात करने लगा.

थोड़ी देर बात करने के बाद उसने मुझे हैप्पी होली कहा और मैंने ही उसे सेम टू यू बोल दिया.

उसके बाद मैंने उससे कहा- सिर्फ विश ही करोगी या फिर रंग भी लगवाओगी?
वो बोली- क्यों नहीं लगवाएंगे, जरूर लगवाएंगे और आपको भी लगाएंगे.

मैं उसकी बात सुनकर खुश हो गया.

उसने मुझसे पूछा- आप हैं कहां?
मैं उस वक्त अपने दोस्तों के साथ था. मैंने उससे बोल दिया.

वो बोली- जल्दी से मेरे घर पर आ जाओ, यहीं एक दूसरे को रंग लगाएंगे.
मैंने पूछा- क्या घर ही आ जाऊं?
वो बोली- हां, घर पर मैं अकेली हूँ.
यह कह कर उसने फोन काट दिया.

मैंने इधर उधर देखा तो एक दुकान आधी खुली थी.
मैंने जल्दी से जाकर एक डेयरी मिल्क की चॉकलेट ख़रीद ली और उसके घर चला गया.

उसके घर पर वाकयी कोई नहीं था.
उसने मुझे कमरे में अन्दर बुलाया और बैठने की कह कर अपने रूम का गेट बंद कर दिया.

मैं उसके कमरे में बैठा था.
वो दूसरे कमरे से रंग लेकर आई और मुझे रंग लगा दी.

मैंने उससे कहा कि थोड़ा सा मुझे भी रंग दो. मैं भी तुमको रंग लगाना चाहता हूं.

उसने मेरे हाथ में थोड़ा सा रंग दे दिया और मैंने उसके लिए दोनों गालों पर अच्छे से रंग लगा दिया.
रंग लगाने के बाद मैंने कहा- सिर्फ रंग लगाने के लिए बुलाया है?
वो मुस्कुरा कर बोली- हां, सिर्फ रंग लगाने के लिए ही बुलाया था.
मैं उसे देख कर मुस्कुराने लगा.

उसने पूछा- आप कुछ और सोच कर आए थे क्या?
मैंने उससे कहा- हां, मुझे लगा कि ज्यादा कुछ नहीं, कम से कम से किस तो मिलेगा ही. मैं यही सोच कर आया था. लेकिन तुमने तो मेरा मूड ही खराब कर दिया.
जब मैंने ऐसा कहा कि उसे लगा कि मैं गुस्सा हो गया हूँ.

उसने आगे बढ़कर मुझे किस कर दिया.
मैंने बोला- ये क्या था?
वो इठला कर बोली- जानी, ये चुंबन था.

फिर मैंने बोला कि ऐसे कौन किस करता है यार, रुको मैं बताता हूँ कि चुंबन कैसे किया जाता है.

मैं उसके होंठों पर किस करने लगा.
वो एकदम से सहम गई और कुछ पल के बाद वो भी मेरा साथ देने लगी.
हम दोनों एक दूसरे के होंठों को अच्छे से पीने लगे.

काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे.

मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके चूचों को दबाने लगा.
वो विरोध करने लगी और बोलने लगी- यह सब अभी नहीं, शादी के बाद.
मैंने उससे कहा- अभी सिर्फ किस ही कर रहे हैं ना … सेक्स तो कर ही नहीं रहे हैं. सिर्फ ऐसे दबवाने में क्या समस्या है तुमको?
वो बोली- कुछ नहीं, बस ऐसे ही, अभी ये सब करने में अच्छा नहीं लग रहा है.

मैं वापस से शुरू हो गया और उसके चूचों को दबाने लगा; साथ ही उसे किस करने लगा.
दस मिनट में ही मामला कुछ ज्यादा ही गर्म हो गया था.
हम दोनों की आहों की आवाज़ निकलने लगी थी.

मैंने उसकी टी-शर्ट को निकाल कर अलग कर दी.
अब वो ऊपर एक छोटी सी ब्रा में रह गई थी और नीचे ट्राउजर था.

मैंने उसके लिए ट्राउजर को भी निकाल दिया. वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही रह गई थी.

आपको मैं बता दूँ कि अपने जीवन में मैं उस समय पहली बार किसी लड़की को ऐसे देख रहा था.
मैं आपको बता नहीं सकता कि वो क्या मस्त माल लग रही थी.
ऐसा लग रहा था, जैसे मैं जन्नत को देख रहा हूँ.

मैं उसके पूरे बदन को मसलने और सहलाने लगा.
वो मना कर रही थी, लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए … वो भी पूरी गर्म हो गई थी.

मैंने भी धीरे-धीरे अपने पूरे कपड़े निकाल कर अलग कर दिए और उसकी चुत में अपनी एक उंगली को अन्दर पेल दिया.
उसकी चुत बहुत ज्यादा कसी थी. ऐसा लग रहा था कि मैं ही इसकी सील तोड़ने वाला पहला मर्द होऊंगा.

जैसे ही मैंने उसकी चुत में उंगली पेली, उसे दर्द होने लगा.
वो बोलने लगी- जान प्लीज धीरे धीरे करो … आंह बहुत दर्द हो रहा है.

मैं उसकी आवाज को नजरअंदाज करते हुए उसे किस करने लगा और उसकी चुत में उंगली अन्दर बाहर करने लगा.

थोड़ी देर ऐसे करने के बाद मैं उसकी चुत के पास अपना मुँह ले गया और उसकी चुत को सूंघने लगा.
आह … मुझे किसी ताजे गुलाब के जैसी महक आ रही थी.

मैंने बिना देर किए उसकी चुत में अपना मुँह लगा दिया.

वो एकदम से सिहर गई और मैं उसकी चुत को चाटने लगा. वो मदहोश होने लगी और अपनी गांड को ऊपर करने लगी.
मैं उसकी चुत में अपनी जीभ को और गहराई तक ले जा रहा था जिससे वो लगातार तड़फ रही थी.

उसके मुँह से तेज तेज आवाज निकल रही थी- आह आह हम्म … और चूसो … आज खा जाओ मेरी चुत को … आह जान आह बहुत मजा आ रहा है … खा जाओ मेरी चुत को आज मत छोड़ना इसे.

कुछ मिनट तक चुत चाटने के बाद उसने अपना सारा पानी मेरे मुँह में ही निकाल दिया और निढाल हो गई.

मैंने उससे कहा- तुम भी मेरा लंड अपने मुँह में ले लो.
वो मना करने लगी और बोलने लगी- मैंने ये सब कभी नहीं किया, ये सब अच्छा नहीं लगता है यार!

पर मेरे जोर देने के बाद उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उससे चूसने लगी.
ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत में आ गया हूँ.
मैं अपने लंड को उसके मुँह में अन्दर तक देने लगा था.

उसको सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी.
वो ‘गुउ घुउ …’ करने लगी, उसकी आंखों से पानी आने लगा.

कुछ देर लंड चूसने के बाद मैंने उसके मुँह में ही अपना सारा पानी निकाल दिया.
वो मुँह में पानी निकलने से एकदम से मुँह हटाने लगी मगर मैंने लंड अन्दर ही पेले रखा जिससे उसे पानी पीना पड़ा.

अब वो बोलने लगी- ये क्या किया, मुझे अच्छा नहीं लग रहा था.
मैं उसे फिर से किस करने लगा और उसके चूचों को दबाने लगा.

वो भी मस्त हो गई.

मैं उसके चूचों को चूसने और पीने लगा.
वो भी मुझे अपने मम्मों पर दबा कर मुझे अपने दूध पिला रही थी.

मैंने उससे कहा- मेरा लंड हिलाओ.
उसने जल्दी से मेरा लंड पकड़ा और हिलाने लगी.
थोड़ी देर में मेरा लंड खड़ा हो गया.

अब वक्त आ गया था कि उसकी चुत का मैं उद्घाटन करने वाला था.
मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसके दोनों पैरों को अलग करके फैला दिया.
उसकी चुत की दरार में मैं अपना लंड रगड़ने लगा.

वो बोलने लगी- अब जल्दी से पेल दो प्लीज!
मैंने उससे कहा- थोड़ा सा दर्द होगा, तुम सहन कर लेना.
वो बोली- ठीक है यार, पहले आप जल्दी से पेल दो … अब और नहीं रहा जा रहा है यार.

उसके ऐसा बोलते ही मैं अपने लंड का सुपारा उसकी चुत के अन्दर डालने लगा.
इससे उसे दर्द होने लगा.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और धीरे धीरे लंड को अन्दर करने लगा.
उसे काफी दर्द होने लगा था और उसकी आंखों में आंसू आ गए.
वो दर्द से कराह रही थी- आह्ह्ह्ह आह बहुत दर्द हो रहा है … प्लीज़ धीरे-धीरे करो जान.

मैं वैसे ही रुक गया और उसके एक चूचे को दबाने लगा और निप्पल को मसलने करने लगा.
इससे उसका ध्यान मम्मों की तरफ हो गया.
वो किस करने में वो मेरा साथ देने लगी.

मैंने मौका देखते ही उसकी चुत में अपना आधा लंड और पेल दिया जिससे वो रोने लगी.
वो छोड़ देने के लिए बोलने लगी.

मगर अब मैं कहां रुकने वाला था.
कुछ देर बाद मैं फिर से लग गया.
वो छटपटा रही थी कि छोड़ दो प्लीज. बाद में कर लेना.
लेकिन मैंने उससे कहा कि ठीक है यार, अब दर्द नहीं होगा.

मैं उसके एक चूचे को दबाने लगा और दूसरे चूचे को पीने लगा.
जब उसका दर्द कुछ कम हुआ, तो वो अपनी गांड ऊपर को उठाने लगी.

मैं समझ गया कि अब ये मेरा लंड और अन्दर लेने के लिए तैयार है.
मैंने उसी समय जोर से एक और झटका दे दिया.

इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चुत को चीरता हुआ जड़ तक चला गया.
उसकी सील टूट गई.

इस बार तो उसने मुझे अलग करने के लिए अपनी पूरी दम लगा दिया और रोने लगी.
मैं उसे किस करने लगा.

वो मना करने लगी और बोलने लगी- बहुत दर्द हो रहा है. अब तो छोड़ दो नहीं तो मैं चिल्ला दूंगी.
मैंने उससे कहा कि अब सच में दर्द नहीं होगा.
फिर भी वो नहीं मान रही थी.

मैंने उससे कहा- ओके अगर अब दर्द दूंगा, तो फिर आज के बाद कभी मत बुलाना, ठीक है!
ये बात सुन कर वो चुप हो गई और वैसे ही रुकी रही.

थोड़ा आराम मिलने के बाद वो फिर से अपनी गांड को ऊपर करने लगी.
मैं भी अब धीरे-धीरे उसकी चुत में अपने लंड को अन्दर बाहर करने लगा.

मैंने उसकी चुत में हाथ लगा कर देखा तो चूत में से खून निकल रहा था.
लेकिन मैंने उसे बताया नहीं.
अगर बता देता तो वो डर जाती और आगे कुछ करने भी नहीं देती.

मैं उसकी चुत में अपना लंड अन्दर बाहर करता रहा.
कुछ मिनट बाद उसे अपने पूरे शरीर को अकड़ा लिया और वो झड़ गई.

लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था.
मैं उसे इसी स्थिति में क्यूट देसी GF की चुदाई करता रहा.

थोड़ी देर के बाद मेरा लंड झड़ने को हो गया.
इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी.

मैंने उससे कहा कि मेरा रस निकलने वाला है.
वो बोली- अन्दर ही निकाल दो.

मैं तेज तेज झटके देने लगा.
मैंने उसकी चुत में ही अपना सारा पानी छोड़ दिया.
उसके बाद मैं उसके शरीर से हट गया और उसे किस करना लगा.

मैंने उससे पूछा- मजा आया बेबी?
वो बोली- मजा तो आया, लेकिन आपने सजा भी दी मुझे!

थोड़ी देर बात करने के बाद वो खुद से बोली- चलो फिर से करते हैं.
मैंने उससे कहा- ठीक है. मेरा लंड चूसो.
वो लंड चूसने लगी.

मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया.
मैंने उससे कहा कि इस बार घोड़ी बनो.

वो जल्दी से घोड़ी बन गई.
मैंने पीछे से उसकी चुत में अपना लंड पेल दिया.
इस बार मैं आधा घंटा तक उसे चोदता रहा. इस बार भी मैंने उसकी चुत में ही अपना सारा पानी टपका दिया.

उस रात हमने चार बार सेक्स किया और सुबह मैं उसके घर से निकल गया.
ये मेरी क्यूट देसी GF की चुदाई कहानी थी, आपको कैसी लगी, प्लीज़ बताएं.
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